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Best Quotes of Village,वो गाँव की गलियां वो झूले वो बगिया,

Best Quotes of Village,वो गाँव की गलियां वो झूले वो बगिया,

Best Quotes of Village , लोग अपने जीवन यापन के लिए और पैसा कमाने के लिए भले ही शहर में जा कर बस गए है लेकिन शहर की इस जिन्दगी से उब गए है , उनहे अब सकूँ के लिए गाँव की याद आती है , यंहा गाँव के याद में कुच्छ village Quotes लिख रहा हू अच्छ लगे तो लाइक औए शेयर जरुर करे , #village #ganv

वक्त का ये परिंदा

वक्त का ये परिंदा रुका है कहा , मै था पागल जो इसको बुलाता रहा |                  चार चार पैसा कमाने को मै आया बाहर गाँव मेरा मुझे याद आता रहा | लौटता था मै जब पाठशाला से घर अपने हाथो से खाना खिलाती थी माँ , रात में अपनी ममता के आँचल तले  थपकिया देकर मुझको सुलाती थी माँ | सोच के दिल में एक टिस उठती रही रात भर दर्द मुझको जगाता रहा . चार पैसे कमाने मै आया शहर गाँव मेरा मुझे याद आता रहा .

वक्त का ये परिंदा रुका है कहा , सबके आँखों में अंशु छलक आये थे जब रवाना हुआ था मै शहर के लिए , कुछ ने मांगी दुआए की मै खुश रहू,कुछ ने मंदिर में जाकर जलाए दिए | एक दिन मै बनूँगा बड़ा आदमी ये तसवौर उन्हें गुदगुदा रहा  …….. चार पैसे कमाने मै आया शहर गाँव मेरा मुझे याद आता रहा …2

वक्त का ये परिंदा रुका है कहा ? Best Quotes of Village , माँ ये लिखती है हर बार ख़त में मुझे लौट आ मेरे बेटे तुझे है कसम . तू गया जबसे से बैचैन हूँ नींद आती नहीं भूख लगाती नहीं .. कितना चाहां ना रोऊ मगर क्या करू ख़त मेरे माँ का मुझको रुलाता रहा चार पैसे कमाने मै आया शहर गाँव मेरा मुझे याद आता रहा वक्त का ये परिंदा रुका है कहा , मै था पागल जो इसको बुलाता रहा |

village quotes
#ganv

“क्यों माई मुझे अब बुलाती नही है
क्या तुझको मेरी याद आती नही है,

बड़ी बेरहम है शहर की ये दुनिया
जो भटके तो रस्ता दिखाती नही है

हैं ऊँची दीवारें और छोटे से कमरे
चिड़िया भी आकर जगाती नही है,

कई रोज से पीला सूरज ना देखा
चाँदनी भी अब मुझको भाती नही है,

ये व्यंजन भी सारे फीके से लगते
उन हाथों की तेरे चपाती नही है,

वो गाँव की गलियां वो झूले वो बगिया
वो यादें ज़हन से क्यों जाती नही है,

ये लल्ला तेरा देख कब से ना सोया
क्यों माई मुझे अब सुलाती नही है,

बोझिल सी आँखें मेरी हो चली हैं
ये अश्कों को मेरे छुपाती नही है,

क्यों माई मुझे अब बुलाती नही है
क्या तुझको मेरी याद आती नही है ,,

Amit…
village quotes
#vllage

रहने को सपनों के शहर में मै अपना गाँव भूल आया हू .

अमरूद के बगीचे और वो पेड़ो का सितल छाव छोड़ आया हू ||

फसलो के लहलाहते खेत ,वो खेल का मैदान छोड़ आया हू .

शुद्ध हवा, वों पतंगों से व्यस्त आसमा छोड़ आया हू ||

वो मिटटी की खिलौने, वो कागज की नाव छोड़ आया हू..

सभी में मिलाता था वो अपने पन का भाव छोड़ आया हू ||

वो चौखाट , वो चूल्हा , वो पुसतैनी माकन छोड़ आया हू .

आ गया हू शहर में अपने पीछे एक जहा छोड़ आया हू ||

thairdparty ,…

#village
village image

कोई ईद या फिर तुम्हारा पहरा हुआ है,
हमारा मुल्क उड़ते धुएं में ठहरा हुआ है,
जमीनों से यहां पर पगड़ियाँ चिल्ला रहीं हैं
तुम्हारी गोलियों का घाव अब गहरा हुआ है।
वहां पर शहर में तो गूँजती किलकारियां हैं,
हमारे गांव में ही मौत का लहरा हुआ है।
नीतियों की एड़िया अब फट गई हैं,
सभी के घर पे साहूकार का पहरा हुआ है।
बड़े ही शान से सब आंख खोले सो रहे हैं,
हमारा गांव अब श्मशान में ठहरा हुआ है।

#gaanv

गांव में बचपन’
खूंटी पे टँगी यादें उतार लाया हूँ,
मैं गांव से कुछ बचपन उधार लाया हूँ,
कंचो पे निशाने यहां खूब लगाया करते थे,
धूप में लेंस करके कागज जलाया करते थे,
यहीं कहीं कागज की नाव चलाई थी,
ये वही बाग है न जहां कोठरी बनाई थी,
इसी सड़क पे टायर दौड़ाया था,
सबके गालों पे मिट्टी का रंग लगाया था,
मेरे घर से जुम्मन के घर लड़ाई थी,
पर वो ईंख बड़ी मीठी थी जो उसके संग चुराई थी,
सबका घर मिट्टी से रंगा होता था,
यहीं उस छन चुके रिम का एंटीना टँगा होता था,
मुझे हर घर वहां अपना घर लगा करता था,
इसी चबूतरे पे पूरा गांव जमा करता था,
अब गांव में वो बात नहीं रही है,
बस दिन है कोई रात नहीं रही है।


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