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village quotes गाँव की कुछ मीठी यांदे जो आपको बहुत पसंद आयेगा।

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Milk Bosti Gaon village, Assam. Farmer: Radhey Shyan Chaukan

Village Quotes

गाँव सबको पसंद है जो शहर में है उन्हें भी जब समय मिलता है village quotes, वह गाँव #ganv तरफ चले आते है घुमाने के लिए , आज मै गाँव की कुछ सुनहरा याद लिख रहा हू |I am belong from village so i writte a village qoutes in hindi so you like this village quotes to comment me |You like Village |

“पल दो पल आकर मेरे संग बिताना तुम

हो सके तो इस बरसात ठहर जाना तुम

तपता जेठ महीना है कब का बीत चला

सावन भी अब कुछ हफ्ता है बीत चला

जाने कब तक रहोगी, तुम बस यादों में

मैं जागूंगा शायद,अब इन तन्हा रातों में

चुपके से आ कर, मुझे गले लगाना तुम

हो सके तो इस बरसात ठहर जाना तुम

हर एक बूंद, आग की तरह है बरस रहा

तेरी इक झलक पाने को हूँ मैं तरस रहा

है स्याह इतना, फलक भी न दिख पाये

रातों को यह चाँद आसमां में छिप जाये

बन कर चाँद मिरा फिर चले आना तुम

हो सके तो इस बरसात ठहर जाना तुम

क्यूँ आज कोई, अपना नज़र नहीं आता

सन्नाटा है बाहर या है मेरे अन्दर सन्नाटा

तार मेरे सितारों के,अब सारे हैं टूट चुके

Hello friends, you like my quotes as like to like my page and share this quotes and comment me ,

न जाने सुर रागों से, कब के हैं छूट चुके

जरा हौले वही गीत पुराना दोहराना तुम

हो सके तो इस बरसात ठहर जाना तुम

चंचल नदी सी तुम, मैं ठहरा किनारा हूँ

कल भी था तेरा, आज भी मैं तुम्हारा हूँ

जिस्म हीं है बस मेरा, बाकी सब तेरा है

ये शब है तुझसे, तुझसे ही मेरा सवेरा है

निकल के ख़्वाबों से मेरे,चले आना तुम

हो सके तो इस बरसात ठहर जाना तुम

पल दो पल आकर मेरे संग बिताना तुम

हो सके तो इस बरसात ठहर जाना तुम,,

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qUOTES IN HINDI
village quotes in hindi

यूँ अँखियों में रैन जगाए जा रहे हैं,

कोई गीत प्रेम का, गाए जा रहे हैं,

नशा सा है ख़्यालों में उनके,

यूँ ही नहीं, महताब को जाम पिलाए जा रहे हैं!

यूँ धड़कनों की धुन पर खुद को थिरकाए जा रहे हैं,

हवाओं के छुअन मात्र से, इठलाए जा रहे हैं,

अलग ही बात है अदाओं में उनकी,

यूँ ही नहीं, उनके चर्चे सुन, बेवजह शर्माए जा रहे हैं!

यूँ यादों में उनके, खुद को भुलाए जा रहे हैं,

करवट ले रहे अरमानों को सुलगाए जा रहे हैं,

ख़्वाब सा है मिलन दोनों का,

यूँ ही नहीं, खुद को जबरन सुलाए जा रहे हैं!

यूँ फ़ासलों की आँच पर खुद को तपाए जा रहे हैं,

दिल की आवाज़, बिन कुछ कहे, सुनाए जा रहे हैं,

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Best Quotes of Village,वो गाँव की गलियां वो झूले वो बगिया,

गहराई है शख्सियत में उनकी,

यूँ ही नहीं, डूब उनमें, खुद को शायर बनाए जा रहे हैं!

कहना है कुछ मुझे भी आज,

सुन रहे हैं आप?

सुनानी है आपको भी मेरे अंतर्मन की आवाज़,

सुन रहे हैं न आप?

नहीं हूँ किसी आँगन का कुआँ,

एक अविरल नदी हूँ मैं;

ना ही कोई घूर्णन ग्रह,

एक अविचल पर्वत हूँ मैं;

सुन रहे हैं आप?

नहीं हूँ किसी सोने के पिंजरे में कैद चिड़िया,

उन्मुक्त गगन को चूमने वाली एक आज़ाद पंछी हूँ मैं;

ना ही किसी बगिया की निर्बल शोभा,

घने जंगल में उगने वाली अवारा दूब हूँ मैं।

नहीं है मेरी कोई हद या सीमा,

उम्मीदों का नया क्षितिज हूँ मैं;

ना ही हूँ कोई प्यारी सी गुड़िया,

चलती-फिरती ज्वाला हूँ मैं;

सुन रहे हैं न आप?

मत बाँधिए नियमों की जंज़ीरों से,

आज़ाद जीना चाहती हूँ मैं;

मत खींचिए कोई लक्ष्मण रेखा,

बेखौफ़ बढ़ना चाहती हूँ मैं।

आपकी तकलीफों का कारण नहीं,

उनका निवारण बनना चाहती हूँ मैं;

सौंदर्य की कोई मूरत नहीं,

सफलता की मिसाल बनना चाहती हूँ मैं;

सुन रहे हैं न आप?

#MyVillage best village quotes

करनी है मुझे भी ख्वाबों से सगाई,

तोड़ कर सारे कैद, पा कर उनसे रिहाई,

सपनों से करना है ऐसा गठबंधन,

जिसमें बंधी रहूँ हमेशा, ना हो कभी जुदाई।

सुन रहे हैं न आप?

फिर यूँही चुपचाप बैठे-बैठे,

ख्वाब के कौने में एक ख्याल आया,

वो ख्याल तुम्हारा था।

कुछ फूल मेरे पेट में थे,

फूलों पर मंडराती कुछ तितलियां भी थी।

तुम्हारी बेतरतीब बिखरी पड़ी यादें थी,

मेरे मन के आसमान पर,

वो आसमान एक चादर था।

आज इक्कट्ठा हो, सिमट गयी थी, वो यादें

उस चादर पर, एक ही जगह

और बैठी थी, मुस्करा रही थी

और मदहोश कर रही थी मुझे, सिर्फ आधा

कि मैं कुछ होश में रहूँ, पूरा बेहोश होने तक।

कुछ घटाएँ भी थी, काली-काली सी

तेरे चेहरे पर ज़ुल्फ़ों ने बिखेर कर रखी थी।

दो खूबसूरत चाँद भी थे तेरी आँखों के,

उस घटा के दरमियाँ,

चमक रहे थे दोनों सूरज की तरह,

पिंघल रहा था मैं भी, बूँद-बूँद,

बह रही थी प्यास मेरी,

तेरे इश्क़ के दरिया की तरफ

और मदहोश कर रही थी मुझे, सिर्फ आधा

कि मैं कुछ होश में रहूँ, पूरा बेहोश होने तक।

एक चांदी की खनक सी भी थी,

तेरी आवाज़ की,

मेरे कानों में मिश्री सी घोल रही थी।

वो आवाज़ तेरी झूमती, बहती सी

चली आ रही थी, और उड़ेल रही थी

झरना कोई माँ की लोरी सा,

मेरे कानों में..

मैं भी बन पपीहा, सावन का नगमा कोई

पीहू-पीहू गुनगुना रहा था,

खिज़ाओं के मौसम में,

और मदहोश हो रहा था, सिर्फ आधा

कि मैं कुछ होश में रहूँ, पूरा बेहोश होने तक।

कोमल नाज़ुक गुलाब की

गाँव की यादे quotes

पंखुड़ियां भी थी, सिर्फ दो,

दो होंठ तेरे भीनी सी सिसकी छेड़,

मचलकर थरथरा रहे थे, और मुझे बुला रहे थे

कि रख दूँ अपनी पंखुड़ियां भी तुझ पर

और बन जाऊँ भंवरा मैं भी,

न छोड़ूँ कतरा एक भी मय का,

झूम कर नाचने लगूँ उस नशे के बादल पर

और मदहोश हो जाऊँ, सिर्फ आधा

कि मैं कुछ होश में रहूँ, पूरा बेहोश होने तक।

कुछ मोगरे के फूल भी थे,

उगे थे जो मेरे सपनों की मिट्टी में,

वो सपना तुम्हारा था,

उस मिट्टी से तुमको बनाया था मैंने।

फूल मोगरे के महक रहे थे,

तुम्हारे बदन पर,

एक टीस कोई रह रहकर उठ रही थी

कि बन जाऊँ गुलदान मैं भी,

समेट लूँ सारे फूलों को भीतर अपने

उतार लूँ वो भीनी-भीनी सी खुशबू तुम्हारी

रूह में अपने, जो रंग नशे का

कोई घोल रही थी, हवाओं में

और मदहोश कर रही थी मुझे, सिर्फ आधा

कि मैं कुछ होश में रहूँ, पूरा बेहोश तक।

बस यूँही चुपचाप बैठे-बैठे,

ख़्वाब के कोने में एक ख़्याल आया,

वो ख्याल तुम्हारा था।

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#hindi quotes best quotes

आज लिखते हैं कुछ पुरानी यादों को ताजा करने के लिए।

धीरे-धीरे गांवों को खत्म किया जा रहा है और उनका शहरीकरण किया जा रहा है। परन्तु गांव का वो शानदार जीवन आजकल शहर में देखने को कहां मिल पाता है।

 गांव में लोग घरों में नहीं दिलों में रहते थे और शहर में तो घर में रहने लायक जगह भी नहीं मिल पाती है। तो फिर आप अपने विचार प्रस्तुत कीजिए इस बारे में।

#gaanv #village

शांत, अमला-फैला दूर तक

पता पूछने पर, छोड़ आते है घर तक

आप इसे दिनचर्या कहिये या लफंगओ का ख़ौफ

जहां लोग लौट जाते है घर, शाम तक

मैं बदलता गांव हूंं

इमाम साहब बैठे है बेंच पर , मंदिर के फोटो के सामने

मोहल्ले भर के लोग , रोज बैठते है चाय की दुकान में, हवा खाने

मैं बचा- खुचा पीपल का छांव हूं

आज़ादी के सत्तर साल, पता नहीं कब से

आवाज़ कर रहा है करर…करर, टेंपू लदा है जब से

मैं ,बाढ़ के बाद, सूखी नदी का नाव हूं

#village #गाँव #quotes

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