bachapan ki yaande , कास  हम बच्चे ही होते ,

कास  हम बच्चे ही होते , कितना अच्छा होता ना ना ही किसी मंदिर के लिये लडते ना ही मस्जिद मे लिये साथ मे खेलते और फिर घर जकर सो जाते । बचपन मे हमे बस स्कूल और खेल का मैदान चाहिये , और जब हम बडे होते है तो हमारे अंदर एक लालच पैदा […]